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Reservation – Arakshan
इंसान कहलाते हम पर नजाने बटे कितने तरीको से।कभी धर्म के नाम पेतो कभी जात के नाम पे… आज फिर से एक जंग जारी आरक्षण को लेकर..फिर से बने दुश्मन एक दूसरे के ,जात के आड पर… सवाल मेरी बस इतनी सी है..समझो तो बात बस छोटी सी है..क्यों बने पहले वजह उस आरक्षण केContinue reading “Reservation – Arakshan”
#wapasi
आज फिर से लौट रही हूं उस जगह,जहां में खुद से रूबरू हुआ था…मुद्दतों के बाद खुद को सवारा था…एक आशियाना सजाया था उन अपनों के संगजिनके साथ होने से खुद को इस काबिल बनाया था.. इस कदर खुस हूं कि आज ये इंतज़ार ख़तम हुआ,मानो फिर से मेरा नया जन्म हुआ… वही गलियां होंगेContinue reading “#wapasi”
Salute to Hero’s
This poem is dedicated to all individuals who are involved in #Covid situation to help us to stay safe . #like #share #comment
Gardening – indoor plants
#Relationship
As usual a thought came after watching the 2nd season of webseries “Barish” प्यार एक ऐसा रिश्ता जो सुरु होता हैमासूमियत से भरी एहसास से। एक दूजे कि कदर करना..बिन बोले भी समझ लेना..कीसिकी खूबी या खामियों के साथउस रिश्ते को कबूल करना…शायद ऐसे ही रिश्ते को निभाना होता है,वक्त के साथ सफर भी यूंContinue reading “#Relationship”
Achievement
Time flies so fast.. I am not experienced or professional blogger. I love to express myself through my writing but hardly I get time to post here. Still thank you all for your support.
Life in city / village
This poem is inspired by the webseries panchayat. आज तकदीर ने ये कैसा मोड़ लाया है,शहर छोड़ कर गांव में खुदको पाया है। सुरुवात का दौर था घुटन से भरा,सजा थी या कुछ और कोई बतादो जरा। शहर की बेपरवाह जिंदेगी याद आती हमे,वीकेंड्स के लेट नाइट पार्टीज फिर बुलाती हमे। चौड़े से सड़केया ऊंचीContinue reading “Life in city / village”
Friendship – yaari
Dedicated to all those special friends of my life who love me the way I am . अक्सर इस बात का अबसोस मनाया करती..हमेशा इस दुनिया की सिकायत किया करती.. नज़ाने क्यूं लगता था, कोई साथ ही नहीं है..इस बात से डरती थी, कहीं कोई खफा तो नहीं है.. पर आज ये एहसास हुआ कि,कभीContinue reading “Friendship – yaari”
यकीन – Trust
आज फिर मैं एक बार खुद को टटोल रही हूं,आज फिर अपने फैसलों पे सवाल कर रही हूं। क्या इतना आसान है, हर किस्से को मिटा पाना..क्या इतना आसान है, बीते हादसों को भूल जाना… कहते हैं गलती एक बार होती है,बार बार नहीं…फिर से किसिपे यकीन करूं,शायद मुझमें वो हिम्मत नहीं… टूट के बिखरीContinue reading “यकीन – Trust”