Adhoori kahani

अब वक्त आ गया,करूं मैं रुकसत तुझे अपनी यादों से..आजाद हुई में,खुद से की गेयी उन कस्मे और वादों से… तेरा दामन ना छोड़ने का वादा हमने किया था,तुझसे इस्क़ करने की सजा खुद को दिया था, या तू सही, या में गलत…ये तुझे है पता।माफ़ करना हजूर..अगर हुई मुझसे कोई खता। ना थी तेरीContinue reading “Adhoori kahani”

New year ( New beginning)

I know i am late to post this poem. But still love to… एक नया साल, एक नई सदी की शुरुआत होगेई,कहीं कहानी ख़तम हुई तो कुछ नई कहानी बन गई। बस यादें रेहगए , कुछ खट्टे कुछ मीठे…बिगड़े रिश्ते जुड़े कहीं तो ,कहीं कुछ अपने है रूठे। इस सदी ने भी नजानें रचे कितनेContinue reading “New year ( New beginning)”

ख़ामोशी – #Silence

क्यूं ये हवा बेरुखी सी है…राहें भी कुछ धुंधली सी है..ख़ामोश रहती हूं अक्सर आज कल,फिर भी सोर सेहनई सी गूंजती है। झिझक ती हूं बयान करने से…क्यूं की लोग अक्सर सलाह अपने सहूलियत से देते हैं।गुजरते हैं हम उलझनों से…पर चंद बातों से लोग उपाय भी तय करते हैं। अपने जज्बात जाहिर करने सेContinue reading “ख़ामोशी – #Silence”

#Metime

My thought after watching “House Arrest ” in Netflix. Spend sometime for yourself , you will start loving youself. कभी खुद के साथ वक्त बिता लेना चाहिए, खुद से गुप्तगु भी कभी कर लेना चाहिए, क्यों ना वो पल हो किताबो के साथ…. या हो घंटो पोधौं के संग बात….. बालकनी से गुजरते लोगों पेContinue reading “#Metime”

#Motivation

जिंदगी सफर बडा, राह भी अजीब हैं। हर एक मुकाम के लिए, मुश्किलें खडी भी हैं। इस पथ को चुनू या लौट जाऊं यहां से, मन के सामने विडम्बना अजीब है। फिर ख्याल आता कभी, कि क्यूं विराम की तलाश में, मन मचल रहा मेरा ऊँचाई कितनी भी हो, फासला तय कदम ही करे। मनContinue reading “#Motivation”

Khwahish

तू हर कदम मेरे साथ चले ये ख्वाहिश कभी ना थी। तू हर लम्हा मेरे करीब रहे, ऐसी तकाजा कभी ना थी। गुज़ारिश बस इतनी सी, दूर से ही सही, तुझे दीदार करने की इजाजत हो। नोकझोक भी हो और बातें करे बेसुमर, बस ऐसी किस्मत हो। कुछ मांगे तू मुझसे , उससे कायम करनेContinue reading “Khwahish”

Crush – unrequited Love

यूँ मोहब्बत होगेई हमें तुमसे, हुई वो हसीन मुलाकात जिस पल्से, न इजाजत थी पलको को तुम्हें निहारने की, फिर भी देखा तुम्हे झुकी निगाहों से। सोचा न था, खुदा की हमपे रहमत होगी, इस्क्क़ से फिर यूँ इब्बादत होगी, नैनो में सजाये सपनो की दुनिया, इस ज़िंदगी से और शिकायत न होगी। था खुलीContinue reading “Crush – unrequited Love”