मुहावरा है , डूबते को तिनके का सहारा..हर कोई उस सहारे की तलाश में है।क्या कहें जनाब, हमे सहारे की ख्वाइश नही…रूहानियत का असर ऐसा के इस नाचीज़ को तिनका ही बनना है। ✍🏻 Prabhamayee Parida
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Truth & Lie
Portrayed my thoughts into Poetry after watching a “Web Series – illegal…” सच झूठ के इस जंग में,सच कहां जीत पाया है…सच को सच साबित करने में,किसी ने मौत को गले लगाया है… झूठी ज़िंदगी और दिखावे का रुतबा,बदल गया है फितरत भला किसे करे शिकवा.. ना कर वक्त बरबाद अपना ,झूठ को बेनकाब करनेContinue reading “Truth & Lie”