एक रिश्ता – डायरी के साथ

खुशियों से है नाराजगी,पलकों को इश्क है अश्कों से..लाख मरतबा किया कोशिशनाता टूट जाए कलम से… नींद की है शिकायत मेरे तहरीर से,पलकों को ना जगाया कर..भावनाओं की भी है यही गुजारिश,दास्तान मेरी जिंदगी का सुन लिया कर.. लब खामोश ही महफूज है,बोलने की जुरमाना अदा जो कर चुके हैं…अब तो अल्फाजों को नज़्म मेंContinue reading “एक रिश्ता – डायरी के साथ”

Poetry for Sushant Singh Rajput

बीत गया बरस तेरे गैर मजूदगी में,मगर तेरे यादों ने हमें भुलाने ना दिया..तू वो चमकता सितारा था लोगों के दिल में,और तेरे सक्षियत ने तुझे अहम किस्सा बना दिया.. इंतकाल तेरा रहस्य से भरा,जो झूठ के कफन से दफन होगया..शायद लड़ा था तू किसी सच को बेनकाब करने में,आज वो सच भी कहीं पीछेContinue reading “Poetry for Sushant Singh Rajput”

ये उन दिनों का प्यार था..

बात होती थी इशारों सेऔर इशारे में दिल इकरार करता था…आंखों ही आंखों में अक्सर दिल अपना हाल बयान करता था…इजहार करना नहीं था इतना आसान,क्यूं की वो लफ्ज़ होठों पर आने से कतराया करता था…ये उन दिनों का प्यार थाये उन दिनों का प्यार थामासूमियत से भरा ये, उन दिनों का प्यार था…. चिट्ठीContinue reading “ये उन दिनों का प्यार था..”