#coronavirus

देश विदेश में ये कोरोना का आतंक जो छाया है,जानवर हो या इंसान , इससे कोई ना बचपाया है,इसी वायरस से बचने का उपाय science के पास भी नहीं ..फिर भी इस महामारी से लड़ने की अपनी जंग जारी है। नजाने कितने लोग corona के शिकार हुए,तो कितने अभी भी जीने की उम्मीद में आशContinue reading “#coronavirus”

#valentineday or #truelove

किसी तारीख कि जरूरत नहींअपने प्यार के इजहार के लिए…क्यूं की गुनाह नहीं अपने इश्क को जाहिर करना। किसी मौके कि इंतज़ार नहींकिसीको तोफो से नवाजने के लिए..इबादत मिलती है कीसिके होटों पे मुसकुराहट भरना। बेवशी इतनी है गालिब,हर किसीको मुकम्मल ना होती..अपनी जज्बात बयान करने को।वरना किसी “वेलेंटाइन डे” की जरूरतना होती, अशिकी मेंContinue reading “#valentineday or #truelove”

Hindusthan – secular country

किस बात की है ये लड़ाई,क्यूं हो रहे हैं ये दंगे….धरम के नाम परना करवाओ ये पंगे….. हिन्दुस्तान की सरजमीनहक देता हर हिंदुस्तानी को…जाहिर करने को अपनी जज्बातचाहे वो हिंदू हो या मुसलमान को… माना आज़ादी है अपनी बात रखने कीपर इस देश को तबाह करने का अधिकार नहीं…ये राजनीति है जनाब छल कपट कीमजहबContinue reading “Hindusthan – secular country”

Adhoori kahani

अब वक्त आ गया,करूं मैं रुकसत तुझे अपनी यादों से..आजाद हुई में,खुद से की गेयी उन कस्मे और वादों से… तेरा दामन ना छोड़ने का वादा हमने किया था,तुझसे इस्क़ करने की सजा खुद को दिया था, या तू सही, या में गलत…ये तुझे है पता।माफ़ करना हजूर..अगर हुई मुझसे कोई खता। ना थी तेरीContinue reading “Adhoori kahani”

New year ( New beginning)

I know i am late to post this poem. But still love to… एक नया साल, एक नई सदी की शुरुआत होगेई,कहीं कहानी ख़तम हुई तो कुछ नई कहानी बन गई। बस यादें रेहगए , कुछ खट्टे कुछ मीठे…बिगड़े रिश्ते जुड़े कहीं तो ,कहीं कुछ अपने है रूठे। इस सदी ने भी नजानें रचे कितनेContinue reading “New year ( New beginning)”

ख़ामोशी – #Silence

क्यूं ये हवा बेरुखी सी है…राहें भी कुछ धुंधली सी है..ख़ामोश रहती हूं अक्सर आज कल,फिर भी सोर सेहनई सी गूंजती है। झिझक ती हूं बयान करने से…क्यूं की लोग अक्सर सलाह अपने सहूलियत से देते हैं।गुजरते हैं हम उलझनों से…पर चंद बातों से लोग उपाय भी तय करते हैं। अपने जज्बात जाहिर करने सेContinue reading “ख़ामोशी – #Silence”